June 14, 2021

Bihar: क्या गंगा के पानी में तैर रहा है कोरोना? अब गंगाजल के सैंपल की होगी जाँच

निशांत दीक्षित की रिपोर्ट

मई के पहले हफ्ते में जब कोरोना अपनी चरम पर था तब प्रशासनिक आंकड़ेबाजी और सरकारी व्यवस्थाओं की नाकामी का मंजर गंगा के घाटों पर कोरोना संक्रमित लाशों से लगाया जा सकता था उस समय सरकार ने उन लाशों को जे सी बी के माध्यम से लाशों को जमीन में तो दफना दिया लेकिन ये खबर फिर से सुर्खियों में इसलिए आई क्योंकि, जब भारत सरकार के प्रमुख मंत्रालय में से एक जल शक्ति मंत्रालय ने मन बनाया कि अब नेशनल मिशन फॉर ग्रीन गंगा की तरफ से गंगा के प्रदूषित होने की स्तर की जांच की जाएगी उसका कारण गंगा में तैरती लाशें भी हो सकती हैं ।

जिसकी जिम्मेदारी नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टॉक्सोलॉजिकल रिसर्च को दी गई है।इस रिसर्च के बिहार के बक्सर जिले के चौसा घाट , पटना सारण और भोजपुर के घाटों से सैंपल लिया जाएगा आपको बताते चलें भास्कर की एक खबर में दिखाया गया सबसे पहला चित्र बक्सर का ही था। गंगा के पानी में हो रही बदलाव की जांच अक्सर बिहार प्रदूषण बोर्ड भी करता रहा है।

बिहार की ओर रवाना हुई तीन सदस्यीय टीम

आईआईटी आर तथा (बी एस पी सी बी ) की टीम सयुंत रूप से बिहार जाकर घाटों के पानी का निरक्षण कर रही है। बिहार स्टेट पॉल्यूशन कंट्रोल के बोर्ड के अनुसार ये अभी पहली सैंपलिंग है और इसी की तर्ज में कई सैंपलिंग होगी जिसकी जानकारी डॉक्टर नवीन कुमार ने दी। ऐसा इसलिए किया जा रहा है क्योंकि गंगा की सैंपलिंग छोटे लेवल पर करके कुछ निष्कर्ष निकालना शायद बेइमानी सा होगा। इनके मुताबिक जहां जहां भी लाशे पाईं गईं उसके अलावा भी अन्य कई घाटों की रैंडम सैंपलिंग भी की जाएगी ।

Leave a Reply

Copyright © All rights reserved. The Times Of Hind | Newsphere by AF themes.