October 4, 2022

बीजेपी के लिए गले की हड्डी बनती जा रही है जातीय जनगणना, पार्टी के भीतर से भी उठे स्वर

Caste census is becoming a neck bone for BJP, voices also raised from within the party

क्षितिज यादव की रिपोर्ट

पटना। पिछले कुछ समय से सत्ताधारी पार्टी बीजेपी को छोड़कर देश के लगभग सभी विपक्षी पार्टियां जातीय जनगणना के समर्थन में एक साथ नजर आ रही थी। इन सबके बीच इस समय बीजेपी के अंदर से भी जातीय जनगणना को लेकर आवाजें उठने लगी हैं।

बिहार में बीजेपी के सहयोग से चल रही नितीश सरकार भी जातीय जनगणना के पक्ष में है। जातीय जनगणना को लेकर बिहार में मुख्य विपक्षी दल राष्ट्रीय जनता दल के सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव ने जातीय जनगणना ना होने की स्थिति में पूरे देश में जनगणना को बहिष्कार करने का आह्वान किया है। इन सबके बीच बिहार की नीतीश सरकार में बीजेपी कोटे के मंत्री रामसूरत राय भी जातीय जनगणना के पक्ष में आ गए हैं। भूमि सुधार मंत्री रामसूरत राय ने कहा कि जातीय जनगणना भी होनी चाहिए और जनसंख्या नियंत्रण कानून भी बनना चाहिए।

एनडीए के सहयोगी दल भी चाहते हैं जातीय जनगणना

बिहार की बात करें तो नीतीश कुमार की जनता दल यूनाइटेड तथा हिंदुस्तान आवाम मोर्चा जातीय जनगणना के पक्ष में हैं। अगर उत्तर प्रदेश की बात करें तो यहां भी अनुप्रिया पटेल की पार्टी अपना दल भी जातीय जनगणना के पक्ष में है। विपक्षी पार्टियों में समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव भी जातीय जनगणना के समर्थन मे अपना बयान दे चुके हैं।

बीजेपी के लिए गले की हड्डी बनी जातीय जनगणना

ऐसे में बीजेपी के लिए मुश्किल यह है कि अगर वह जातीय जनगणना के पक्ष में आती है तो कहीं ना कहीं उसके सवर्ण वोटरों का नाराज होना तय है। जैसा कि भूतपूर्व में बीजेपी कह चुकी है कि वह जातीय जनगणना के पक्ष में नहीं है अगर वह अपने इस बयान को लेकर अडिग रहती है तो उसके ही सहयोगी दल उससे छटक सकते हैं।

पीएम मोदी पर है भरोसा

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने जातीय जनगणना को लेकर प्रधानमंत्री को एक पत्र लिखा है। जनगणना एवं जनसंख्या राज्य सूची का विषय नहीं है। इसको लेकर मंत्री रामसूरत राय ने कहा कि जातीय जनगणना को लेकर क्या निर्णय लेना है। यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तय करेंगे। उनका भरोसा है कि केंद्रीय नेतृत्व सही समय पर सही निर्णय लेगा।

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