October 7, 2022

मुस्लिम रिक्शा चालक की पिटाई को लेकर इलाके मे सांप्रदायिक तनाव, पीएससी तैनात

मुस्लिम रिक्शा चालक की पिटाई को लेकर इलाके मे सांप्रदायिक तनाव, पीएससी तैनात

क्षितिज यादव की रिपोर्ट

कानपुर‌। सिद्धांतों में बंध कर भगवान भी जीवन कैसे मनुष्य की भांति जीते हैं इसका उदाहरण शायद ही रामायण को छोड़कर हिंदू धर्म के किसी ग्रंथ में होगा। ना जाने कहां से वह लोग आते हैं जो मानवता के उस पुजारी का नाम लेकर मानवता को शर्मसार करते हैं। उत्तर प्रदेश कानपुर में एक मानवता को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। दो दिन पहले वायरल एक वीडियो में कुछ लोग एक मुस्लिम रिक्शा चालक को पीटते नजर आ रहे हैं। इतना ही नहीं इस मुस्लिम रिक्शा चालक को पीटने वाले लोग उससे जबरन जय श्रीराम भी बोलवा रहे हैं। पिटने वाले इस युवक का नाम असरार अहमद बताया जा रहा है।
कानपुर के पुलिस आयुक्त असीम अरुण ने मीडिया को बताया-बार्रा थाना कानपुर नगर के युवक असरार अहमद के पिटाई की वीडियो को संज्ञान में लेते हुए पुलिस ने तीन मुख्य अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार आरोपियों का नाम राहुल कुमार, अमन गुप्ता एवं अजय उर्फ राजेश बैंड वाला है। अन्य अभियुक्तों को गिरफ्तार करने के लिए पुलिस लगातार दबिश दे रही है। जल्द ही उन्हें भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

मामले को लेकर है सांप्रदायिक तनाव

जबरन जय श्री राम का नारा लगवा कर पीटने के कारण इलाके में तनाव की स्थिति बनी हुई है। जिस तरीके से तथाकथित मारपीट एवं जबरन धार्मिक नारा लगवाने का वीडियो वायरल हुआ है। उसको लेकर धार्मिक दंगा भड़कने की आशंका है। किसी भी अनहोनी को मद्देनजर रखते हुए इलाके में पुलिस एवं पीएससी की तैनाती कर दी गई है।

क्या है पूरा मामला

वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि कुछ लोगों द्वारा एक युवक को बुरी तरीके से उसकी 7 साल की मासूम बेटी के सामने पीटा जा रहा हैं। बेटी अपने पिता को छोड़ने की मिन्नतें मांग रही है। गौर करने वाली बात यह है कि वीडियो में स्पष्ट दिख रहा है की पुलिस घटना के वक्त मौजूद थी। पुलिस की तरफ से उस समय कोई बीच बचाव नहीं किया गया। हालांकि बाद में पुलिस असरार अहमद को जीप में बिठा कर ले जाती है।
इस घटना का मुख्य कारण इसके पीछे की 9 जुलाई वाली घटना बताई जा रही है।जब बर्रा निवासी एक परिवार की बेटी से कुछ लोगों ने छेड़छाड़ की थी। जिसके बाद परिवार वालों ने पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराने की कोशिश की थी हालांकि रिपोर्ट दर्ज नहीं किया गया था। परिवार वालों का कहना है कि वे लोग उनसे जबरन धर्म परिवर्तन का दबाव बना रहे है।

बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने एकतरफा कार्रवाई करने का लगाया आरोप

जहां एक तरफ बीजेपी के स्थानीय विधायक महेश त्रिवेदी और उनके बेटे शिवम त्रिवेदी पर बजरंग दल के कार्यकर्ताओं के साथ शामिल होकर युवक को पीटने का आरोप लग रहा है। वहीं दूसरी तरफ गिरफ्तारी के बाद बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने पुलिस पर एकतरफा कार्यवाही करने का आरोप लगाया साथ ही पुलिस आयुक्त असीम अरुण के आवास पर प्रदर्शन भी किया।

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