October 4, 2022

विधानसभा चुनावों के बाद हुई हिंसा को लेकर बैकफुट पर दीदी, क्या करेंगी सुप्रीम कोर्ट का रुख

Didi on the back foot regarding the violence after the assembly elections, what will the Supreme Court's stand

क्षितिज यादव की रिपोर्ट

कोलकाता। कोलकाता उच्च न्यायालय ने पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के बाद हुए हिंसा को लेकर ममता बनर्जी को एक जोरदार झटका दिया है। कोलकाता हाई कोर्ट में 5 जजों की बेंच ने बृहस्पतिवार को मामले की सुनवाई करते हुए कहा कि विधानसभा चुनाव के बाद जो हिंसा हुई है उसकी जांच सीबीआई करेगी।

वहीं कोर्ट ने कहा कि इस संदर्भ में अन्य मामलों की जांच के लिए एस आई टी का गठन किया जाए। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश राजेश जिंदल की पीठ ने राज्य सरकार को पीड़ितों को मुआवजा देने का भी आदेश दिए।

मानवाधिकार आयोग ने की थी मांग

पश्चिम बंगाल में मानवाधिकार आयोग ने अपनी रिपोर्ट में ममता दीदी की सरकार को दोषी माना था जिसके बाद उन्होंने मांग की थी कि दुष्कर्म एवं हत्या जैसे मामलों की जांच सीबीआई से कराई जाए। वहीं अन्य मामलों की जांच के लिए है विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया जाए। आयोग ने यह भी मांग की थी कि मुकदमों की सुनवाई पश्चिम बंगाल से बाहर की जाए तथा इसके लिए फास्ट ट्रैक अदालत का गठन किया जाए।

उस समय मानवाधिकार आयोग ने टीएमसी पर यह आरोप लगाया था कि प्रदेश भर में भारी जीत के बाद टीएमसी एवं भाजपा के कार्यकर्ता आपस में भिड़ गए जिस पर ममता सरकार ने ध्यान नहीं दिया। गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव संपन्न होने के बाद प्रदेश भर में एक हिंसक माहौल बना था। जिसके बाद हिंसा एवं आगजनी की घटनाएं सामने आई थी।

बीजेपी ने किया स्वागत तो टीएमसी ने जताई नाराजगी

कोलकाता हाई कोर्ट के फैसले के बाद जहां एक तरफ बीजेपी के महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने अदालत के इस फैसले का स्वागत किया है। वहीं दूसरी तरफ टीएमसी नेता सौगत राय ने फैसले को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर की है। टीएमसी नेता सौगत राय ने कहा कि यदि प्रदेश स्तर के हर मामले में सीबीआई दखलअंदाजी करेगी तो मामले को लेकर प्रदेश सरकार उच्चतम न्यायालय का रुख कर सकती है।

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