May 25, 2022

हवन कुंड में आहुति डाल हिंदू बने फिल्म डायरेक्टर अली अकबर, अब राम सिम्हन के नाम से जाने जाएँगे

जाने-माने मलयाली फिल्मकार अली अकबर (Ali Akbar) विधिवत रूप से हिंदू बन गए हैं। गुरुवार (13 जनवरी 2022) को उन्होंने पत्नी लुसिम्मा के साथ सनातन धर्म ग्रहण किया। अब वे राम सिम्हन के नाम से जाने जाएँगे। केरल के इस फिल्मकार ने दिसंबर 2021 में तब घर वापसी का ऐलान किया था, जब मजहबी कट्टरपंथियों ने सीडीएस जनरल बिपिन रावत का हेलिकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद खुशी का इजहार किया था।

अली अकबर और लुसिम्मा की कुछ तस्वीरें सामने आईं है। इनमें शुद्धिकरण समारोह के दौरान दोनों के हवन कुंड के पास बैठे और आहुति डालते हुए नजर आ रहे हैं। इस दौरान अली अकबर श्वेत वेशती में अपने कंधों पर भगवा अंगवस्त्र डाले और जनेऊ पहने हुए थे। अंतर्राष्ट्रीय हिन्दू परिषद और हिन्दू सेवा केन्द्रम के नेता प्रतीश विश्वनाथ ने फेसबुक पर इसके बारे में बताया है।

अली अकबर की पूजा करते हुए फोटो शेयर करते हुए प्रतीश विश्वनाथ ने लिखा है, “इतिहास खुद को दोहराता है। अली अकबर रामसिम्हन के रूप में।” साथ ही प्रतीश ने हैशटैग के रूप में #GharWapasi (घर वापसी) लिखा है अली अकबर के नए नामकरण के पीछे भी एक दिलचस्प कहानी बताई जा रही है। कहा जाता है कि करीब आठ दशक पहले मालाबार में इसी तरह एक व्यक्ति ने इस्लाम त्याग कर अपना नाम राम सिम्हन रखा था।

इसके बाद मजहबी भीड़ ने ईशनिंदा का आरोप लगाते हुए उस व्यक्ति के घर पर हमला कर दिया था। राम सिम्हन और उनके भाई की हत्या कर दी गई थी। उनके परिवार के अन्य सदस्यों को जबरन उठाकर भीड़ अज्ञात जगह पर ले गई थी। देश की स्वतंत्रता से कुछ हफ्ते पहले ही इस घटना को अंजाम दिया गया था।

गौरतलब है कि हेलिकॉप्टर हादसे के बाद अली अकबर ने फेसबुक लाइव कर इस्लाम के परित्याग की घोषणा की थी। उन्होंने कहा था, “यह स्वीकार नहीं किया जा सकता है। इसलिए मैं अपना धर्म छोड़ रहा हूँ, न मेरा और न ही मेरे परिवार का कोई और धर्म है।” उन्होंने लाइव में कहा था, “मैं उन कपड़ों का एक टुकड़ा फेंक रहा हूँ, जिनके साथ मैं पैदा हुआ था।”

दरअसल, जब फिल्म निर्देशक ने सीडीएस रावत की वीरगति पर लाइव वीडियो बनाना शुरू किया तो कट्टर इस्लामियों ने उनके वीडियो पर हजारों की संख्या में लॉफिंग की इमोजी लगाकर इसका मजाक उड़ाया, जिससे उनकी भावनाएँ आहत हुई थी। उनके इस ऐलान के बाद प्रतीश विश्वनाथ ने कहा था कि इस्लाम की वर्तमान पीढ़ी को देखकर बहुत अच्छा लग रहा है। जिनके पूर्वजों को बलपूर्वक परिवर्तित किया गया था, वे वापस जड़ों की ओर आ रहे हैं।

Input: OpIndia

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