Ganga is scaring, the water level is rising every hour, the ghats are submerged

वाराणसी।सारी बीच नारी है कि नारी बीच सारी है कि सारी ही की नारी है कि नारी ही की सारी है।- जैसा अलंकार आपने अपने एकेडमिक पढ़ाई के दौरान जरूर पढ़ा होगा।इस अलंकार को लेकर अगर हम आज वाराणसी को अलंकृत करें,तो वह इस प्रकार होगा-

गंगा के किनारे वाराणसी है या फिर वाराणसी के किनारे गंगा है।कि ऐसा कहें-वाराणसी में गंगा है या फिर गंगा में वाराणसी है। मित्रों हम बात कर रहे हैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र बनारस की। घाटों के शहर के नाम से मशहूर वाराणसी के घाट आई बाढ़ के कारण पूरी तरह से जलमग्न हो चुके हैं। आज यह पता लगाना मुश्किल हो रहा है कि कहां से गंगा शुरू हुई है तो कहां से बनारस शुरू हुआ है।

उत्तर प्रदेश में भारी बारिश एवं बांधों से पानी छोड़ने के कारण आज वाराणसी समेत उत्तर प्रदेश के 24 जिलों के 600 से अधिक गांव बाढ़ के चपेट में हैं। बाढ़ के कारण तटीय इलाकों में जनजीवन अस्त व्यस्त है। बाढ़ में फंसे लोगों को मदद पहुंचाने के लिए एनडीआरएफ की कई टीमें लगाई गई हैं।

गंगा समेत कई नदियां उफान पर

उत्तर प्रदेश के वाराणसी, कौशांबी, चंदौली, हाजीपुर, औरैया, कानपुर देहात, प्रयागराज, फर्रुखाबाद, आगरा, बलिया, मिर्जापुर, गोरखपुर, सीतापुर, मऊ, लखीमपुर खीरी, शाहजहांपुर, बहराइच, गोंडा, कानपुर नगर,हमीरपुर, बांदा, इटावा, जालौन और फतेहपुर कि कई नदियां उफान पर हैं। इन जिलों के 600 से अधिक गांव बाढ़ की संकट से जूझ रहे हैं।

घंटे दर घंटे 1 सेंटीमीटर बढ़ रहा है गंगा का जलस्तर

वाराणसी की बात करें तो गंगा का जलस्तर 72.12 मीटर तक पहुंच चुका है। सबसे डराने वाली बात यह है कि गंगा के जलस्तर में प्राति घंटे 1 सेंटीमीटर की लगातार वृद्धि हो रही है। ऐसे में किसी भी अनहोनी को टालने के लिए उत्तर प्रदेश पुलिस , एन डी आर एफ समेत आईटीबीपी के जवानों को भी तैनात किया गया है। बीते बरसों की बात करें तो 2013 में गंगा का जलस्तर 72.62 तथा 2016 में 72.58 मीटर पहुंच गया था।

गौरतलब है कि उस समय वाराणसी में पुलिस के अतिरिक्त अन्य किसी सैन्य बल को नहीं तैनात करना पड़ा था। आपको बता दें स्थिति को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लगातार नजर बनाए हुए हैं।

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