June 14, 2021

बिहार में कोरोना से हुई मौतों के आंकड़ों में भारी गड़बड़ी, जांच रिपोर्ट में लापरवाही आई सामने

कोरोना की दूसरी लहर से बिहार में अब तक बताए जाने वाले मौत के आंकड़े गलत है। इस पर लगातार सवाल भी उठ रहे हैं। पटना हाई कोर्ट के द्वारा कई बार सरकार को मौत के आंकड़ों को लेकर लताड़ा भी गया।
हालांकि बिहार सरकार ने इस बात को कबूला है कि इन आंकड़ों में हेरफेर की गई है। बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने इसकी जानकारी दी कि अभी तक बिहार में कोरोना से हुई मौतों का आंकड़ा 5424 बताया जा रहा था,जो कि सच नहीं है। यह (7 जून तक) आंकड़ा 9775 है।

जांच रिपोर्ट में हुआ खुलासा
बता दें 18 मई को राज्य सरकार ने कोरोना से हुई मौतों के आंकड़ों की जांच करवाने का फैसला लिया था। जिसके लिए दो टीमें भी बनाई गई और जांच रिपोर्ट में मौतों के आंकड़ों में भारी गड़बड़ी पाई गई है। स्वास्थ्य विभाग की तरफ से जिलों में होने वाली जांच में कोरोना से मौत के आंकड़ों में लापरवाही की बात सामने आई है। प्रत्यय अमृत ने इस बात को स्वीकार किया है कि इस संवेदनशील मामले में अनियमितता बरती गई है और ऐसा करने वालों के साथ कार्रवाई की जाएगी। लेकिन जब उनसे पूछा गया कि अब तक कितने लोगों पर कार्रवाई हुई है,तो इसका उनके पास कोई जवाब नहीं था।


उन्होनें इसपर अपने तरफ से सफाई देते हुए कहा कितने लोग होम आइसोलेशन में ही अपनी जान गवा दिए और कई संक्रमित होने पर भी दूसरे जिलों में चले गए और उनकी मौत हो गई। वहीं कुछ अस्पताल में,तो कुछ पोस्ट कोविड भी। अब ऐसे मौतों का सही आंकड़ा नहीं मिल सका। सरकार ने मौत के आंकड़ों पर काबू पाने की जरूर कोशिश की है और उसमें सुधार भी हुआ है। लेकिन बताया जा रहा है कि ग्रामीण इलाकों में कई अनगिनत मौतें हुई हैं। जिनमें कोरोना लक्षण होने के बाद भी उनकी जांच नहीं हो पाई थी। यही वजह है कि सरकारी आंकड़ों में त्रुटि रह गई और विपक्ष के तरफ से सरकार पर मौतों के आंकड़ों को लेकर छिपाए जाने का आरोप लगाया जाने लगा।

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