October 5, 2022

बिहार में सरपंच की बढ़ी जिम्‍मेदारियां, मुखिया की सत्ता पॉवर मे कटौतियां, जाने क्या क्या बदला है इस बार

अमरेंद्र पांडेय की रिपोर्ट

Increased responsibilities of Sarpanch in Bihar

बिहार में पंचायत चुनाव की तारीख और चुनाव से संबंधित सारी जानकारियां राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से जारी कर दी गई हैं। साथ ही पांच साल के लिए गांव की सरकार के लिए जिम्मेदारियां भी बदल दी गयी है। इस बार 11 चरणों में होने वाले ग्राम पंचायत चुनाव को बेहतर रूप दिया जा रहा है। इसके लिए हरसंभव प्रयास चुनाव आयोग के द्वारा किया जा रहा है।

कौन कौन से अधिकार सरपंच के हाथ मे होंगे

सरपंच को पंचायती राज व्यवस्था में तीन बड़े अधिकार दिए गए हैं,जो कि पहले ग्राम मुखिया के पास था। जिसमें ग्राम पंचायत की बैठक बुलाने से लेकर उनकी अध्यक्षता करने और ग्राम पंचायत की कार्यकारी और वित्तीय शक्तियां भी मुखिया के हाथ से हटाकर सरपंच के पास सुरक्षित कर दी गयी है।

सरपंच के मुख्य कार्य जिनमें, गांव की सड़कों की देखभाल व्, पशुपालन व्यवसाय को बढ़ावा देना व्, सिंचाई की व्यवस्था करने और दाह संस्कार एवं कब्रिस्तान का रखरखाव करना भी शामिल होगा, जो कि पिछले कार्यकाल तक मुखिया इस काम की जिम्मेदारी संभालते थे।

मुखिया की जिम्मेदारियां

पंचायती राज विभाग के नए नियम की माने तो मुखिया को अपने कार्य क्षेत्र में एक वर्ष में कम से कम चार बैठकें जरूर करनी होगी। बैठक के अलावा इनके पास गावों के विकास की कार्य योजना बनाने के साथ-साथ प्रस्तावों को लागू करने की भी जवाबदेही होगी।

इसके अलावा ग्राम पंचायतों के लिए तय किए गए टैक्स, चंदे और अन्य शुल्क को इकट्ठा कराने की भी जिम्मेदारी मुखिया के पास ही रहेगी।

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