Justice Nagratna may become the country's first woman CJI, the collegium sent nine names for the appointment of judges, including the names of three women

देश को पहली महिला चीफ जस्टिस ( सीजेआई ) मिल सकती हैं। सुप्रीम कोर्ट में खाली जजों के पदों पर नियुक्ति के लिए कॉलेजियम ने नौ नाम केंद्र सरकार को भेजे हैं। जिनमें तीन महिलाएं भी शामिल हैं। सरकार से कर्नाटक हाईकोर्ट की जज जस्टिस बी.वी. नागरत्ना के नाम को मंजूरी मिलती है तो वे देश की पहली महिला चीफ जस्टिस बन सकती हैं।

कॉलेजियम की ओर से जिन नामों की सिफारिश की गई है , उनमें कर्नाटक हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस ए.एस. ओका , गुजरात हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस विक्रम नाथ , सिक्किम हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस जे.के. माहेश्वरी , केरल हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस सी.टी. रवींद्र कुमार और केरल हाईकोर्ट के जज जस्टिस एम.एम. सुंदरेश शामिल हैं। इनके अलावा कॉलेजियम ने सीनियर एडवोकेट पी.एस. नरसिम्हा के नाम की भी सिफारिश की है।

कॉलेजियम ने जिन तीन महिलाओं को सुप्रीम कोर्ट का जज बनाने की सिफारिश की है, उनमें तेलंगाना हाईकोर्ट की चीफ जस्टिस हिमा कोहली , गुजरात हाईकोर्ट की जज जस्टिस बेला त्रिवेदी और कर्नाटक हाईकोर्ट की जज जस्टिस बी. वी. नागरत्ना शामिल हैं। अगर जस्टिस नागरत्ना के नाम पर केंद्र सरकार मुहर लगाती है। तब वे 2027 में देश की पहली महिला मुख्य न्यायाधीश बन सकती हैं। उल्लेखनीय है कि केंद्र सरकार यदि इन सिफारिशों को स्वीकार करती है, तब मौजूदा खाली पद भर जाएंगे। इस तरह सुप्रीम कोर्ट में कुल जज 33 हो जाएंगे।

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