October 5, 2022

kisan Credit Card : किसान क्रेडिट कार्ड पर ब्याज हुआ है माफ! जानें अहम जानकारी

kisan Credit Card : किसान क्रेडिट कार्ड को लेकर पिछले कुछ दिनों से एक मैसेज बहुत तेजी से वायरल हो रहा है जिसमेें ये बताया जा रहा है कि केसीसी से 3 लाख रुपए तक लोन लेने पर किसानों को कोई ब्याज नहीं देना होगा। यदि आपके पास भी ऐसा कोई मैसेज आया है जिसमें ये दावा किया जा रहा है कि किसान क्रेडिट कार्ड से किसानों को बिना ब्याज ऋण की सुविधा शुरू की गई है तो आपको सावधान होने की जरूरत है और इस खबर को पढऩा भी बेहद जरूरी है ताकि आप संभावित हानि से बच सकें।

बता दें कि दिन प्रति दिन साइबर क्राइम के मामले तेजी से बढ़ रहे है। ऐसे में लोगों को ठगी से बचाने के लिए पीआईबी वायरल मैसेज का फैक्ट चेक किया गया है और उसमें इस मैसेज को पूरी तरह से फेंक मैसेज करार दिया गया है। पीआईबी की तरफ से इसको लेकर आम लोगों तक सही जानकारी पहुंचाने का कार्य किया है।

क्या है केसीसी को लेकर वायरल मैसेज (KCC)

पिछले दिनों वायरल हो रहे इस मैसेज में एक अखबार की कटिंग के माध्यम से यह दावा किया जा रहा है कि 1 अप्रैल 2022 से किसान क्रेडिट कार्ड पर 3 लाख तक के ऋण पर किसानों को कोई ब्याज नहीं लिया जाएगा। इस अखबार की कटिंग में किसानों को केसीसी से बिना ब्याज ऋण दिए जाने की बात कही गई है। इस मैसेज में एक अखबार की कटिंग को आधार बनाया गया है ताकि हर कोई इस मैसेज का सच मान जाए। 

वायरल मैसेज पर सरकार की प्रतिक्रिया

जब पीआईबी वायरल मैसेज का फैक्ट चेक किया गया है तो पाया की ये पूरी तरह से फेंक मैसेज है। केसीसी से ऋण के संबंध में सरकार ने खुद ट्वीट कर जानकारी दी है कि केसीसी से बिना ब्याज के ऋण देने का ऐसा कोई निर्णय सरकार की ओर से नहीं लिया गया है। बता दें कि केसीसी से 3 लाख रुपए का ऋण लेने पर 7 प्रतिशत की दर से किसानों को ब्याज देना होता है। इसमें से 3 प्रतिशत की छूट का प्रावधान है।

किसान ऐसे मैसेज से रहे सावधान, निजी जानकारी शेयर करने से बचें

केसीसी पर बिना ब्याज के लोन मिलने की बात पूरी तरह से फर्जी निकली है। इसलिए किसान भाई ऐसे मैसेज से सावधान रहें। यदि आपके पास ऐसा कोई मैसेज आता है जिसमें केसीसी से बिना ब्याज लोन मिलने की बात कही गई है तो आप ऐसे मैसेज पर ध्यान न दें और न ही कोई अपनी निजी जानकारी किसी के साथ शेयर करें। 

किसान क्रेडिट कार्ड के संबंध में जानने योग्य महत्वपूर्ण बातें

  • किसान क्रेडिट कार्ड से किसानों को ही नहीं, पशुपालकों और मछली पालकों को भी लोन मिलता है। 
  • केसीसी से 1.60 लाख रुपए तक का लोन बिना गारंटी के मिलता है। इससे ऊपर राशि का ऋण लेने पर किसान को जमीन के कागजात बैंक के पास गिरवी रखने होते हैं। 
  • केसीसी के जरिये किसान 3 लाख रुपए तक का लोन ले सकते हैं।

  • किसानों को 3 लाख रुपए के लोन पर 7 प्रतिशत की दर से ब्याज देना होता है। 
  • यदि किसान पहली बार में समय से ऋण चुका देता है तो उसे दूसरी बार ऋण लेने पर ब्याज में 3 प्रतिशत की छूट मिलती है। इस तरह दूसरी बार ऋण लेने पर किसान को 4 प्रतिशत की दर से ब्याज देना होता है। 
  • केसीसी एक विविध खाते के स्वरूप का होता है। इस खाते में कोई जमा शेष रहने की स्थिति में उस पर बचत खाते के समान ब्याज मिलता है।

  • केसीसी में 3 लाख रुपए तक की राशि पर प्रसंस्करण शुल्क नहीं लगाया जाता है।
  • केसीसी खातों का वार्षिक आधार पर नवीकरण करना आवश्यक है जो कि उपर्युक्त देय तारीखों से काफी पहले किया जाना आवश्यक है ताकि 5 वर्षों के लिए सतत आधार पर इसकी ऋण सीमा को जारी रखा जा सके। अत: शाखाओं को सुनिश्चित करना होगा कि वे यथा आवश्यकता परिसीमन अधिनियम के तहत 3 वर्षों की समाप्ति के पूर्व नवीकरण पत्र प्राप्त कर लें।

  • इस नवीकरण के उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए वर्तमान अनुदेशों के अनुसार शाखाएं (उगाई गई फसलों/ प्रस्तावित फसलों के संबंध में) संबंधित उधारकर्ताओं से एक साधारण-सा घोषणा-पत्र प्राप्त कर लें। केसीसी उधारकर्ताओं की संशोधित एमडीएल आवश्यकताओं का निर्धारण प्रस्तावित फसल की पद्धति एवं उनके द्वारा घोषित क्षेत्रफल के आधार पर किया जाएगा।
  • पात्र फसलों को फसल बीमा योजना- राष्ट्रीय कृषि बीमा योजना (एनएआईएस) के तहत कवर किया जाएगा।

किसान क्रेडिट कार्ड के संबंध में अन्य महत्वपूर्ण बातें

  • सीमा तय करते समय शाखाएं किसान के पूरे वर्ष के लिए संपूर्ण उत्पादन की ऋण आवश्यकताओं को लें जिसमें फसल उत्पादन से संबंधित सहायक गतिविधियां जैसे कृषि संबंधी मशीनरी/उपकरण के रखरखाव, बिजली प्रभार आदि की ऋण जरूरतें भी शामिल हैं।
  • क्रेडिट सीमा के अंदर उधारकर्ता के संबद्ध गतिविधियां और फसलोत्तर क्रेडिट जरूरतें भी मुहैया करवाई जा सकती है।

  • कार्ड के अंतर्गत ऋण सीमा जिला स्तरीय तकनीकी समिति (डीएलटीसी)/राज्य स्तरीय तकनीकी समिति (एसएलटीसी) की सिफारिशों के अनुसार परिचालन जोत, फसल पद्धति तथा वित्त की मात्रा के आधार पर नियत की जा सकती है। यदि डीएलटीसी/एसएलटीसी ने जहां किसी भी फसल के लिए वित्त की मात्रा की सिफारिश नहीं की है अथवा शाखा के विचार के अनुसार आवश्यक राशि से कम की सिफारिश की गई है तो शाखाएं आंचलिक कार्यालय के विधिवत अनुमोदन के बाद फसल के लिए उचित वित्त की मात्रा तय कर सकते हैं।

  • क्रेडिट कार्ड की सीमा तय करने के लिए परिचालन जोत में पट्टा लिए गए जमीन को शामिल किया जाएगा और पट्टा दिए गए जमीन को छोड़ दिया जाएगा।
  • शाखाएं अपने विवेक के अनुसार स्वीकृत किए गए संपूर्ण क्रेडिट सीमा के अंदर, के्रडिट आवश्यकताओं पर, मौसम तत्व को लेते हुए, उप-सीमा तय कर सकती है।

अलग-अलग बैंकों में किसान क्रेडिट कार्ड के अलग-अलग नाम

देश में कई बैंक किसानों को किसान क्रेडिट जारी करते हैं। अलग-अलग बैंक अलग-अलग नाम से किसान क्रेडिट कार्ड जारी करते हैं, जो इस प्रकार से है-

  • बैंक ऑफ इंडिया – किसान समाधान कार्ड
  • बैंक ऑफ बडौदा – बी किसान क्रेडिट कार्ड
  • पंजाब नेशनल बैंक – पी.एन.बी. कृषि कार्ड
  • स्टेट बैंक ऑफ इंडिया -किसान क्रेडिट कार्ड
  • इलाहाबाद बैंक – किसान क्रेडिट कार्ड
  • आन्ध्रा बैंक – ए.बी. किसान ग्रीन कार्ड

  • केनरा बैंक – किसान क्रेडिट कार्ड
  • कार्पोरेशन बैंक -किसान क्रेडिट कार्ड
  • देना बैंक -किसान गोल्ड के्रडिट कार्ड
  • विजय बैंक -विजय किसान क्रेडिट कार्ड
  • ओरिएंटल बैंक ऑफ कामर्स -ओरिएंटल ग्रीन कार्ड (ओ.जी.सी.)
  • स्टेट बैंक ऑफ हैदराबाद – किसान क्रेडिट कार्ड
  • सिंडिकेट बैंक – सिंडिकेट किसान क्रेडिट कार्ड    

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