Lalu Prasad Yadav's troubles increased over fodder scam, CBI court dismissed the petition

रांची। बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री एवं राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव की मुश्किलें थमने का नाम नहीं ले रही हैं। चारा घोटाले में आधी सजा काटकर स्वास्थ्य कारणों से जमानत पर रिहा हुए लालू प्रसाद यादव की एक और याचिका सीबीआई कोर्ट रांची ने खारिज कर दी है।

जहां एक तरफ डोरंडा कोषागार मामले में जल्द ही सुनवाई पूर्ण होकर फैसला आने को लेकर उनकी जान हलक में है ही वहीं सीबीआई कोर्ट द्वारा दूसरे मामले में याचिका खारिज होने से मुश्किलें और बढ़ गई है। चारा घोटाले में पूर्व मुख्यमंत्री सहित 112 अभियुक्तों की याचिका को बीते बुधवार सीबीआई न्यायाधीश एसके शशि की अदालत ने खारिज कर दी। अदालत ने कहा कि चारा घोटाले को लेकर डे-टू-डे तर्ज पर बहस होगी।

वर्चुअल के साथ-साथ फिजिकल रूप से भी होगी बहस

लालू प्रसाद यादव की चारा घोटाला संबंधित याचिका को खारिज करते हुए अदालत ने साथ में यह भी कहा कि कोरोना महामारी को मद्देनजर रखते हुए जो लोग गाइडलाइन्स का पालन करते हुए आ सकते हैं उनके लिए फिजिकल अदालत भी लगेगी। जो लोग ऑनलाइन मोड में बहस करना चाहते हैं, वे कोर्ट का परमिशन और दस्तावेज देख ले और बहस करें।

डोरंडा कोषागार मामले में जल्द फैसला

रांची हाई कोर्ट में लंबित डोरंडा कोषागार मामले में भी कोर्ट के हवाले से पिछले दिनों खबर आई थी कि मामले को लेकर दो महीने में अंतिम फैसला आ जाएगा। आपको बता दें कि डोरंडा कोषागार मामले में 139.35 करोड़ रुपए के अवैध निकासी को लेकर लालू प्रसाद यादव,पूर्व सांसद जगदीश शर्मा, डॉ आरके राणा, पीएसी के तत्कालीन अध्यक्ष ध्रुव भगत समेत 110 अन्य लोग मामले को लेकर आरोपी हैं। इस मामले में अगर फैसला लालू प्रसाद यादव के विपक्ष में जाता है तो उन्हें जल्द ही जेल जाना पड़ सकता है।

Leave a Reply