October 4, 2022

Merry Christmas 2021: कौन हैं सांता क्लॉज, जो हर क्रिसमस पर बांटते हैं गिफ्ट्स और खुशियां

Merry Christmas 2021: क्रिसमस 2021 (Christmas Day 2021) का त्योहार आने वाला है. 25 दिसंबर को मैरी क्रिसमस की धूम रहेगी.​ ​प्रभु यीशु (Jesus Christ) के जन्मदिन पर हर साल सांता क्लॉज (Santa Claus) भी खुशियां बांटता है और बच्चों को गिफ्ट्स देता है. लंबी सफेद दाढ़ी, लाल कपड़े, हाथ में बेल और पीठ पर गिफ्ट्स वाला थैला.

क्रिसमस का नाम लेते ही सांता क्लॉज की ऐसी छवि हमारे मन में आती है. आखिर क्रिसमस से सांता क्लॉज का क्या संबंध है. ईसा मसीह से सांता क्लॉज का क्या संबंध है? सांता क्लॉज कौन है? पहले सांता क्लॉज कौन थे? ऐसे कई सारे सवाल हमारे मन में आते हैं. आइए इस क्रिसमस हम जानते हैं इन सवालां का जवाब.

क्या सांता क्लॉज की कहानी/Santa Claus History

संत निकोलस को सांता क्लॉज के नाम से जाना जाता है. संत निकोलस का जन्म प्रभु यीशु की मृत्यु के 280 साल बाद तुर्किस्तान के मायरा नामक शहर में हुआ था. वह एक रईस परिवार से थे. वे गरीबों की मदद के लिए हमेशा तैयार रहते थे.

प्रभु यीशु में उनकी गहरी आस्था थी, इस वजह से वे पादरी बन गए. बाद में वे बिशप बन गए और उनको संत की उपाधि मिल गई. फिर वे संत निकोलस, क्रिस क्रींगल, क्रिसमस फादर के नाम से भी पुकारे जाने लगे. वे बचपन से ही जरूरतमंदों की मदद करते थे और बच्चों को उपहार देते थे.

कहा जाता है कि संत निकोलस चाहते थे कि क्रिसमस के दिन हर चेहरे पर मुस्कान हो. कोई भी उदास न रहे. इस वजह से हर क्रिसमस की रात वे बच्चों को गिफ्ट्स, चॉकलेट बांटते थे. रात में उपहार देने का मकसद ये था कि उन्हें कोई न देखे या पहचाने.

Christmas 2018: आखिर कौन हैं Santa Claus? कहां रहते हैं, कहां से आते हैं  तोहफे भरकर?

उनके बारे में एक घटना है, जिसमें इस बात का वर्णन है कि ​एक व्यक्ति गरीबी के कारण अपनी तीन बेटियों को देहव्यापार के दलदल में डाल रहा था. जब संत निकोलस को इसकी सूचना मिली, तो वे आधी रात को उसके घर के बाहर गए और वहां मोजे में सोने के सिक्के डालकर चले आए. उनकी इस मदद से उस परिवार का जीवन संवर गया.

उनकी इन बातों की वजह से आज भी बच्चों को जल्दी सुला दिया जाता है, कि सांता क्लॉज रात में आएगा और उनको गिफ्ट्स देकर जाएगा. ​बच्चे अपनी मनोकामानाओं की पूर्ति के लिए आज भी रात में घर के बाहर मोजे टांग देते हैं, ताकि सांता क्लॉज उनकी मनोकामना पूरी कर दें.

क्रिसमस डे पर जो हम सांता क्लॉज का वर्तमान स्वरूप देखते हैं, दरअसल वह सन 1822 में क्लीमेंट मूर की नाइट बिफोर क्रिसमस में छपे सांता के कार्टून से प्रेरित है. संत निकोलस आज के दौर में नहीं हैं, लेकिन गरीबों को मदद करने की उनकी प्ररेणा आज भी सांता क्लॉज के रुप में मौजूद है. दुनियाभर में लोग क्रिसमस डे के मौके पर सांता क्लॉज बनकर दूसरों की मदद करते हैं, गिफ्ट्स देते हैं.

(Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य मान्यताओं पर आधारित हैं. The Times Of Hind इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबधित विशेषज्ञ से संपर्क करें)

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