June 14, 2021

क्रिकेट के इतिहास में 1 दिन में बने सर्वाधिक रन, ऎसा रिकॉर्ड जिसे आज तक कोई तोड़ नहीं पाया

Himanshu singh

क्रिकेट विश्व जगत का बहुत ही लोकप्रिय खेल रहा है। यह खेल दशकों पुराना है, माना जाता है कि इस खेल की शुरुआत इंग्लैंड से हुई है। एक आंकड़े के मुताबिक- इस खेल की आधिकारिक शुरुआत 15 मार्च 1877 में हुआ जब ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड पर इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया के बीच पहला टेस्ट मैच खेला गया था। आगे चल कर इस खेल ने कई प्रारूप बदले जिससे इस खेल की लोकप्रियता बढ़ती चली गई,

आधुनिक जमाने में इस खेल को और अधिक लोकप्रिय बनाने के लिए इसके प्रारूप को छोटा किया जाने लगा और पहले एक दिवसीय फिर फटाफट अंदाज में खेले जाने वाले ट्वेंटी-20 का आरंभ हुआ है। एकदिवसीय मुकाबला पहले 60 ओवरों का होता था फिर उसे घटाकर 50 ओवरों का कर दिया गया जिससे मुकाबलों के ड्रा/रद्द होने की संभावनाएं भी कम हो गई| वहीं इस खेल का सबसे छोटे प्रारूप ट्वेंटी-20 बल्लेबाजों के ताबड़तोड़ शॉर्ट्स के लिए जाना जाता है।

खिलाड़ियों की पोशाक सफेद हुआ करती थी

सबसे पहले श्रीलंकाई खिलाड़ियों ने फिर उसके बाद दुनिया भर के बल्लेबाजों ने गेंद को काफी निर्ममता से सीमा- रेखा के बाहर पहुंचाना शुरू कर दिया जिससे लोगों का आकर्षण इस प्रारूप के प्रति और बढ़ा और यह क्रिकेट का सबसे आकर्षक प्रारूप माना जाने लगा। 1880 के दशक में जब इस खेल का आरंभ हुआ उस समय ब्लैक एंड वाइट के जमाने में खिलाड़ियों की पोशाक सफेद हुआ करती थी, जैसे-जैसे इस खेल का प्रचलन बढ़ा खिलाड़ियों की पोशाक विभिन्न प्रारूपों में रंगीन होती गई जो आधुनिक समय के दर्शकों को अपनी ओर ज्यादा आकर्षित करती है।

ऑस्ट्रेलिया का विश्व रिकॉर्ड:

1948 में आज ही के दिन ऑस्ट्रेलिया ने 1 दिन में सर्वाधिक 721 रन ठोक दिए थे 129 ओवर में जो आज के जमाने के हिसाब से भी असामान्य तेजी थी |उस समय ऑस्ट्रेलिया इंग्लैंड के दौरे पर थी जहां उसे 15 मई को एसएक्स के खिलाफ मैच खेलना था उस मैच में ऑस्ट्रेलिया ने ऐसा रिकॉर्ड बना डाला जो आज तक नहीं टूट पाया और ना ही निकट भविष्य में टूटने की संभावना है।

इस पारी में ऑस्ट्रेलिया की तरफ से चार शतक और दो और शतक बने,इस मैच के टॉप स्कोरर दुनिया के महानतम बल्लेबाज डॉन ब्रैडमैन थे, जिन्होंने तेज गति से खेलते हुए सिर्फ 2 घंटे की पारी में 187 रन बना डाले। जवाब में खेलने उतरी एसएक्स की टीम विशाल स्कोर के सामने धराशाई हो गई उसने पहली पारी में 83 तो दूसरी पारी में महज 187 रन ही बना सकी और इस तरह ऑस्ट्रेलिया ने वह मैच पारी और 451 रनों से जीत लिया।

सस्ते रन बनाने में कोई रुचि नहीं

इस मैच से जुड़ी एक और दिलचस्प किस्सा यह भी है कि उस मैच में एक ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज कीथ मिलर ने उस मैच में रन बनाने में कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई उनका मानना यह था कि उन्हें सस्ते रन बनाने में कोई रुचि नहीं है |अतः उन्होंने जानबूझकर अपना विकेट दे दिया।

इस घटना पर उनके साथ नॉन- स्ट्राइक छोर पर खड़े बल्लेबाज डॉन ब्रैडमैन ने कहा “वह सीख लेगा “
बहरहाल,आज के इस आधुनिक खेल के युग में जब मात्र 20 ओवरों में 250 रन बन जा रहे हैं तो निश्चय ही वह दिन दूर नहीं जब क्रिकेट के प्रेमियों को नए-नए विश्व रिकॉर्ड देखने को मिलेंगे।

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