October 3, 2022

पड़ोसी के पास हैं सलमान खान के खिलाफ सबूत, कोर्ट ने बताया: कहा था- फार्म हाउस में कई फिल्म स्टार्स की लाशें दफन

पनवेल फार्महाउस (Panvel Farmhouse) में NRI पड़ोसी संग बॉलिवुड स्टार सलमान खान (Salman Khan) के चल रहे केस में उनकी मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। मुंबई के सिविल कोर्ट ने माना है कि केतन कक्कड़ (Ketan Kakkad) ने जमीन को लेकर ऐक्टर के खिलाफ जो आरोप लगाए थे, वो वास्तव में सही थे।

दूसरी तरफ, सलमान ने दावा किया था कि ये आरोप बदनाम करने के लिए उन पर लगाए गए थे। कोर्ट ने अपना आदेश केतन की तरफ से दिए गए दस्तावेजी सबूतों पर आधारित किया है, जिसमें दिखाया गया था कि सलमान ने उन्हें अपनी जमीन पर आने से रोक दिया था।

मुंबई सेशन कोर्ट के जज AH लद्दाद ने कहा, ‘मेरा विचार है कि खान सहज रूप से ये समझाने में विफल रहे कि ये उनसे कैसे संबंधित है और कक्कड़ ने जस्टिफिकेशन के लिए याचिका दायर की, जिसे प्राथमिक दृष्टि से डॉक्यूमेंट्री एविडेंस सपोर्ट कर रहे हैं।’ इसी के साथ कोर्ट ने निषेधाज्ञा आवेदन (injunction application) को खारिज कर दिया, जो ऐक्टर अपने NRI पड़ोसी के खिलाफ मांग रहे थे।

केतन के पास हैं सबूत
आदेश में कहा गया है कि खान द्वारा कक्कड़ को अपनी जमीन पर आने से रोकने के आरोपों को प्रमाणित करने के लिए दस्तावेजी सबूत है। कोर्ट ने पिछले हफ्ते आदेश पारित किया था, लेकिन अब आदेश उपलब्ध कराया गया है।

सलमान ने आरोपों को बताया निराधार
खान ने रिक्वेस्ट किया था कि केस की सुनवाई और अंतिम फैसले तक कक्कड़ और अन्य लोगों के खिलाफ एक आदेश पारित करना चाहिए कि वो कुछ भी अपमानजनक पोस्ट न करें या बयानबाजी न करें। उन्होंने कहा था कि उनके खिलाफ लगाए गए आरोप झूठे और दुर्भावनापूर्ण हैं, क्योंकि इसे बदनाम करने के लिए लगाया गया है। इसमें बिल्कुल भी सच्चाई नहीं है।

लोहे के गेट से कर बना दिया ब्लॉकेज
केतन कक्कड़ के वकीलों का कहना है कि सलमान खान के पनवेल फार्महाउस के पास ही है, जिसे ऐक्टर ने लोहे के गेट से ब्लॉक किया जा रहा है। जब केतन रिटायर होने के बाद इंडिया वापस आए तो सलमान खान और उनकी फैमिली की वजह से अपनी जमीन का सही इस्तेमाल नहीं कर पाए।

केतन की जमीन यूज करते थे सलमान
केतन के वकील ने ये भी कहा कि खान पहले कक्कड़ को बातचीत करने के लिए इनवाइट करते थे और बदले में उनकी जमीन का इस्तेमाल करते थे। वो कक्कड़ की जमीन पर जॉगिंग करते थे और मछलियां पकड़ते थे। हालांकि, जब कक्कड़ इंडिया आ गए तो सबकुछ बदल गया।

कई विभागों में की शिकायत
केतन के वकील ने कोर्ट में दलील दी थी कि उनके क्लाइंट को अपने मंदिर में जाने का अधिकार तक नहीं दिया गया था। यहां तक कि उन्हें रोशनी के लिए इलेक्ट्रिसिटी तक नहीं दी गई। उन्होंने अपनी शिकायत के लिए वन विभाग की तरह सभी डिपार्टमेंट से संपर्क किया। कंप्लेन और प्राथमिकी भी दर्ज कराई और उचित जांच शुरू की गई। वकील ने कहा, ‘मामले संबंधित अदालतों में भी लंबित हैं।’

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