June 14, 2021

लालू के जन्मदिन पर सियासी तकरार,एक-दूसरे पर हावी RJD vs JDU

आरजेडी सुप्रीमो लालू यादव का जन्मदिन 11 जून यानि कल मनाया जायेगा। राष्ट्रीय जनता दल के कार्यकर्ता लालू के जन्मदिन की तैयारियां करने और इसे ‘सामाजिक न्याय सद्भावना दिवस’ के रूप में मना रहे हैं। सामाजिक सद्भावना दिवस के पोस्टर जगह-जगह लगाए जा रहे हैं। बता दें कि जेडीयू मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के जन्मदिन को विकास दिवस के रूप में मनाया गया था। तब आरजेडी ने भी निशाना साधा था।

वहीं लालू के इस जन्मदिन के मौके पर जेडीयू ने कहा कि लालू यादव को अपने बर्थडे पर पिछड़े वर्गों,दलितों व अल्पसंख्यकों की हड़पी हुई जमीन वापस लौटा देना चाहिए। जेडीयू के पूर्व मंत्री नीरज कुमार ने कहा कि अभी कई जमीन का दाखिल-खारिज भी नहीं हुआ है। यदि वे जमीन वापस करते हैं, तभी हम मानेंगे कि वह सामाजिक न्याय वाले नेता है। उन्होंने आगे कहा कि,लालू के समर्थकों के लालू व उनके परिवार के आर्थिक सूचकांक इतना कैसे बढ़ गया,इसका भी जवाब देना चाहिए।

नीतीश ने किए विकास कार्य
उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार की तुलना बिहार केसरी श्री कृष्ण सिंह से उनके समर्थक करते हैं। उन्होंने जो कुछ भी बिहार के लिए किया है,वह अभी तक बिहार में किसी ने नहीं किया। चाहे सड़क निर्माण कार्य हो,छात्र-छात्राओं को साइकिल,कपड़े,पैसे, महिलाओं की नौकरियों में 35 फ़ीसदी तक आरक्षण,महिला और अति पिछड़े वर्ग को समाज में सम्मान और ताकत,महिलाओं की मांग पर शराबबंदी,बिजली आदि की समस्या से मुक्त कराया। लालू यादव तो इतना सोच भी नहीं सकते।

नीतीश कभी इधर तो कभी उधर
वहीं लालू के समर्थक ने कहा कि लालू सामाजिक न्याय और सद्भावना वाले नेता है,इसमें कोई संदेह नहीं। उन्होंने इस बात का भी याद दिलाया कि जब सद्भाव बिगड़ने की कोशिश की गई थी, तो लालकृष्ण आडवाणी को भी लालू यादव ने गिरफ्तार करने में हिचकिचाहट नहीं दिखाई। नीतीश की तरह कभी इधर तो कभी उधर नहीं बदलते रहते हैं। आरजेडी प्रवक्ता चितरंजन गगन ने बताया कि लालू ने भले ही स्वर्ग नहीं दिया हो,लेकिन शोषितों के मुंह में उन्होंने आवाज दी। बिहार में विकास के बदले विनाश हो रहा है। ऊपर से नीतीश कुमार को बड़ा बनाने की साजिश चल रही है। बालिका सुधार गृह में जो हुआ दुनिया ने देखा इसके अलावा शिक्षा-स्वास्थ्य की भी पोल खुल गई है। नीतीश के तो पेट में दांत है।

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