January 21, 2022

मध्य प्रदेश में ताजमहल जैसा घर बनाकर पत्नी को किया भेंट, हुबहू कलाकृति की चर्चाएं

मुगल सम्राट शाहजहां और मुमताज महल के प्रेम का गवाह बुरहानपुर शहर दोनों की अमिट यादों को अपने आंचल में सहेजे हुए हैं। यहां पर शाही महल, शाही हमाम, आहूखाना जैसी ऐतिहासिक धरोहरों में आज भी इनके प्रेम की यादें बसी हैं।

दोनों के प्रेम की दास्तां काफी प्रसिद्ध है। शाहजहां ने मुमताज की याद में आगरा में जो ताजमहल बनाया है वह दुनिया के सात अजूबों में से एक है, लेकिन वहां के जैसा हुबहू ताजमहल बुरहानपुर में भी अब बन गया है।

ऐसा है घर के अंदर का नजारा

शिक्षाविद चौकसे के इस ताजमहल रूपी मकान का निर्माण शहर के कंसलटिंग इंजीनियर प्रवीण चौकसे के मार्गदर्शन में हुआ है। इंजीनियर चौकसे के अनुसार इसके निर्माण में इसका आधार 90 बाय 90 का है। बेसिक स्ट्रक्चर 60 बाय 60 का है। डोम 29 फीट ऊंचा रखा गया है।

इस ताजमहल जैसे घर में एक बड़ा आकर्षक हॉल, दो बेडरूम नीचे दो बेडरूम ऊपर है। वहीं एक किचन, एक लायब्रेरी तथा एक सर्वसुविधायुक्त मेडिटेशन रूम बनाया गया है। इसमें शांतिपूर्ण वातावरण में ध्यान क्रिया की जा सकती है। 

इन कारणों से बुरहानपुर में नहीं हो सका था ताजमहल का निर्माण

दरअसल आगरा का ताजमहल बुरहानपुर में बनने वाला था, लेकिन तीन कारणों से नहीं बन सका। वरिष्ठ इतिहासविद होशंग हवलदार एवं मेजर डा एमके गुप्ता के अनुसार तीन कारणों में पहला कारण यहां की मिट्टी भूरभरी रहने से इसके आधार को लेकर समस्या बनी।

वहीं ताप्ती तट का छोटा हाेने से उसमें ताजमहल की परछाई नहीं बनने और बाढ़ की समस्या रही। तीसरी मकराना के मार्बल की ट्रांसपोर्टिंग काफी दूरी व मशक्कतभरी होने से बुरहानपुर में ताजमहल नहीं बन सका।

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