October 4, 2022

विश्वभर के आदिवासियों के लिए मनाए जाने वाले विश्व आदिवासी दिवस की खास वजह

Special reason for World Tribal Day being celebrated for tribals around the world

रुपाली सिंह की रिपोर्ट

विश्व में आदिवासी समुदाय के लोगों की जनसंख्या 37 करोड़ है।आदिवासी समाज के लोगों का उत्थान हो उनकी संस्कृति समाज को बचाने के लिए हर साल 9 अगस्त को विश्व आदिवासी दिवस मनाया जाता है भारत समेत कई देशों में आदिवासी समुदाय के लोग निवास करते हैं। आदिवासी लोगों का खानपान रीति रिवाज हम लोगों से भिन्न रहता आदिवासी जाति के लोग आज भी पिछड़े हुए हैं सरकार द्वारा कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं जिससे आदिवासी समाज का विकास हो देश की आजादी में आदिवासी समाज का बहुत बड़ा योगदान रहा है।

अमेरिका में 1994 में पहली बार आदिवासी दिवस मनाया गया था बाद में अंतरराष्ट्रीय दिवस घोषित कर दिया गया । आदिवासी दिवस मनाने के पीछे अमेरिका के आदिवासी समुदाय की महत्वपूर्ण भूमिका है।। आदिवासी समाज के लोगों ने देश को आजाद करने में मुगलों अंग्रेजों से लड़ाइयां लड़ी हैं किंतु इतिहास में इसका उल्लेख नहीं किया गया है ।वैदिक काल से ही आदिवासी लोगों को राक्षस ,दैत्य, दानव नामों से पुकारा जाता है । जनजाति समुदाय के लोगों का जिक्र वेद पुराणों में मिलता है। रामायण में भी भील जाति का वर्णन किया गया है पृथ्वीराज रासो में भी इसका वर्णन किया गया है वह जाति का जिक्र चंद्रवरदाई ने पृथ्वीराज रासो में किया है।

भारतीय संविधान में आदिवासी समुदाय के लोगों को एसटी की श्रेणी में रखा गया है। कुछ जनजातियां आदिम जनजाति समुदाय के अंतर्गत आती हैं अंडमान निकोबार द्वीप में इस समुदाय के लोग निवास करते हैं। पूरे विश्व के साथ-साथ भारत में भी जनजाति समुदाय के लोग निवास करते हैं। काशी समुदाय के लोग पूरे विश्व में इसे त्यौहार के रूप में मनाते हैं। आज मैं आदिवासी समुदाय की संस्कृति और समाज को बचाने के लिए विश्व भर में आदिवासी दिवस मनाया जाता है। इस दिन संयुक्त राष्ट्र और कई देशों में कार्यक्रम आयोजित किया जाता है । ताकी आदिवासी समुदाय के लोग जागरूक हो सकते हैं और समाज में उनकी प्रगति हो सके।

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