October 4, 2022

अजब-गजब: एक ऐसा श्रापित गांव, जहां बड़े होते ही लड़का बन जाती हैं लड़कियां

लड़का या लड़की होना कुदरत की देन है। जन्म से पहले ही हमारा जेंडर तय हो जाता है। लेकिन इंसानों ने इतनी तरक्की कर ली है कि सर्जरी के जरिए अब जेंडर तक बदला जा सकता है। दुनिया में ऐसे कई लोग हैं जिन्होंने सर्जरी के माध्यम से अपना जेंडर बदल दिया है। हालांकि ऐसा सर्जरी के माध्यम से ही संभव है, लेकिन क्या आपको पता है कि धरती पर एक ऐसा भी गांव है

जहां एक उम्र के बाद लड़कियां लड़का बन जाती हैं, वो भी बीना किसी सर्जरी के? जी हां, ये बात हैरान करने वाली जरूर है लेकिन बिल्कुल सच है। बड़े होने के बाद इस गांव की लड़कियों का जेंडर अपने आप चेंज हो जाता है। इसके बाद यहां की लड़कियां, लड़का बन जाती हैं। आइये आज इस रिपोर्ट में जानते हैं वो गांव कौन सा है और क्यों यहां की लड़कियों के साथ ऐसा होता है… 

इस गांव में बड़े होते ही लड़का बन जाती हैं लड़कियां (प्रतीकात्मक तस्वीर)

इस गांव का नाम है ला सेलिनास जो कि डोमिनिकन रिपब्लिक देश में है। इस गांव की कई लड़कियां 12 साल की उम्र में आते-आते लड़के में तब्दील होने लगती हैं। लड़कियों के साथ ऐसा क्यों होता है इस रहस्य का आज तक वैज्ञानिक भी पता नहीं लगा पाए हैं, लेकिन लड़कियों के साथ होने इस बदलाव की वजह से लोग इस गांव को श्रापित गांव मानते हैं। 

ला सेलिनास गांव की लड़कियों के लड़का बनने की अजीब बीमारी की वजह से यहां के लोग बेहद परेशान रहते हैं। कई लोग तो ये भी मानते हैं कि इस गांव में किसी अदृश्य शक्ति का साया है। वहीं कुछ बुजुर्ग गांव को श्रापित मानते हैं। इस गांव में ऐसे बच्चों को ‘ग्वेदोचे’ कहा जाता है।आलम ये हो गया है कि इस गांव के लोग लड़कियों के पैदा होने घबराने लगे हैं।

सिर्फ यहीं नहीं जब गांव में किसी के घर लड़की का जन्म होता है तो उस परिवार में मातम पसर जाता है, क्योंकि उन्हें डर होता है कि उनकी बेटी बड़ी होने पर लड़का बन जाएगी। इस बीमारी की वजह से गांव में लड़कियों की संख्या भी काफी कम होती जा रही है। 

इस गांव में बड़े होते ही लड़का बन जाती हैं लड़कियां (प्रतीकात्मक तस्वीर)

ये गांव समुद्र किनारे बसा हुआ है और गांव की आबादी करीब 6 हजार है। अजीब रहस्य की वजह से ये गांव दुनियाभर के शोधकर्ताओं के लिए रिसर्च का विषय बना हुआ है। वहीं दूसरी तरफ डॉक्टर्स कहते हैं कि ये बीमारी ‘आनुवंशिक विकार’ है।

इस गांव में 90 में से 1 एक बच्चा इस बीमारी से ग्रसित होता है। जिन भी लड़कियों को ये बीमारी होती है, एक उम्र के बाद उनके शरीर में पुरूषों जैसे अंग बनने लगते हैं। साथ ही उनकी आवाज भारी होने लगती और शरीर में वो बदलाव आने शुरू हो जाते हैं जो धीरे-धीरे उन्हें लड़की से लड़का बना देते हैं। 

News Source : Amar Ujala

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