October 4, 2022

तालिबानियों ने तोड़े भारतीय वाणिज्य दूतावासों के ताले, ये बन सकते हैं अफगानिस्तान के नए राष्ट्रपति

Taliban broke the locks of the Indian consulates, this may become the new President of Afghanistan

क्षितिज यादव की रिपोर्ट

काबुल। तालिबान ने अफगानिस्तान की सेना को हराकर अफगानिस्तान पर अपना कब्जा जमा लिया है। जब से तालिबान ने अफगानिस्तान पर कब्जा जमाया है तब से उनके लड़ाके अपने संभावित दुश्मनों को तलाश कर उनकी खबर ले रहे हैं।

एक अंग्रेजी अखबार की खबर के मुताबिक तालिबानी लड़ाके काबुल राज्य की खुफिया एजेंसी एनडीएस के लिए काम करने वाले अफगानी नागरिकों को घर-घर जाकर ढूंढ रहे हैं। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक काबुल पर तालिबान के हक्कानी नेटवर्क के लगभग 6000 सदस्यों ने कब्जा किया है। इस हक्कानी नेटवर्क का नेतृत्व सिराजुद्दीन हक्कानी के भाई अनस हक्कानी कर रहे हैं।

भारतीय दूतावासों के तोड़े ताले

बुधवार को तालिबानी लड़ाकों ने कंधार और हेरात में स्थित बंद पड़े भारतीय वाणिज्यिक दूतावास के ताले तोड़कर अलमारी में रखे दस्तावेजों को खंगाला। तालिबानी लड़ाके दूतावास में खड़ी गाड़ियों को भी अपने साथ ले गए।

आपको बता दें अफगानिस्तान में आए इस अस्थिरता के माहौल में भारतीय वाणिज्य दूतावास के सदस्य पहले ही भारत आ चुके हैं। काबुल और जलालाबाद में भी भारत के दूतावास है। परंतु वहां का माहौल क्या है? क्या हो रहा है? इसकी कोई जानकारी फिलहाल अभी उपलब्ध नहीं है।

अब्दुल गनी बरादर को मिल सकता है नेतृत्व

अनस हक्कानी ने अफगानिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति हामिद करजई तथा अब्दुल्ला से मुलाकात की। इन मुलाकातों के बाद ऐसे कयास लगाए जा रहे हैं कि तालिबानियों के नेता मुल्ला अब्दुल गनी बरादर को जल्द ही राष्ट्रपति बनाया जा सकता है।

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