October 4, 2022

अफगानिस्तान में तालिबानियों ने कसा शिकंजा ,नतमस्तक होता दिख रहा है अफ़ग़ानिस्तान

अफ़ग़ानिस्तान में तालिबान तीव्रता से पूर्ण अधिग्रहण की ओर अग्रसर है , नए इलाक़ों को अपने अधिकार में लेते हुए कर रहा है चढ़ाई ।अफगानिस्तान की सेना तालिबानी लड़ाकों के सामने नतमस्तक होते दिख रही है ।इस बात में अब कोई संदेह नहीं के अफगानिस्तानी सेना पर तालिबान के लड़ाके भारी पड़ रहे है और दूसरी तरफ अफ़ग़ान हुकूमत सत्ता पर अपनी पकड़ बनाए रखने के लिए संघर्ष करती हुई दिख रही है।

अमेरिकी खुफिया विभाग की एक लीक हुई रिपोर्ट में ये अनुमान लगाया गया था कि आने वाले कुछ दिनों में राजधानी काबुल तालिबानियों के हमले की चपेट में आ सकता है और हुकूमत कुछ महीनों में नष्ट हो सकती है ।अमेरिका, ब्रिटेन और नेटो के उसके सहयोगी देशों ने पिछले कुछ दशकों से अफ़ग़ान सुरक्षा बलों को ट्रेनिंग देने में खर्च किया था,जिसके कारण अंदरूनी बातें भी बड़ी जल्दी उजागर हो रही है।

दरअसल ,अमेरिका और ब्रिटेन के कई आर्मी जनरलों ने ये दावा किया कि उन्होंने एक सशक्त और ताक़तवर अफ़ग़ान फौज तैयार की है. ये वादे और दावे अब बेबुनियादी साबित होते दिख रहे हैं.ज़मीनी तौर से देखें तो अफ़ग़ान हुकूमत का पलड़ा अब भी भारी लगना चाहिए क्योंकि उसके पास ज़्यादा बड़ी फौज है और कागज़ पर कम से कम उसके पास तीन लाख से ज़्यादा सैनिक हैं इसमें अफ़ग़ान आर्मी, एयरफोर्स और पुलिस के जवान भी शामिल हैं,परंतु ऐसा कुछ होते तो दिख नहीं रहा।

भ्रष्टाचार और सेना भर्ती में कमी से परेशान है अफ़ग़ान

अफ़ग़ानिस्तान में फौज में भर्ती करने के लक्ष्य को पूरा करने में हमेशा ही परेशानियां आती रही हैं।इन्ही कारणों के वजह से अफ़ग़ान को हमेशा भारी मात्रा में जनहानि सहनी पड़ी है। नौकरी छोड़कर चले जा रहे हैं युवा और भ्रष्टाचार का मुद्दा अलग से है.

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