June 14, 2021

नीतीश के नालंदा में इस हालत में जी रही हैं यह बुजुर्ग महिला,रहने के लिए शौचालय बना ठिकाना

जब चुनाव का समय आता है,तब सभी नेता लोगों से बड़ी-बड़ी बातें करते हैं। लेकिन जैसे ही चुनाव खत्म होता है,उसके बाद विकास कार्य तो छोड़िए वादे भी धीमी गति में हो जाते हैं। बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान एनडीए के सभी नेता तमाम वादे करते फिर रहे थे। लेकिन वहीं नालंदा जिले में एक बेसहारा गरीब बुजुर्ग महिला को सार्वजनिक शौचालय में अपने दिन गुजारने पर रहे हैं,इसकी किसी को भनक तक नहीं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभी को मंच से यह आश्वासन दिया था कि उनका बेटा उनकी मदद के लिए दिल्ली में बैठा है, तब सबको यही लगा कि बिहार में भी सब कुछ बिल्कुल ठीक है।

लेकिन यहां तो सुशासन बाबू नीतीश कुमार के गृह जिले से चरमराई व्यवस्था की तस्वीर सामने आई है जो उन सभी वादों को झूठा साबित करने के लिए काफी है। जिले के कराएपरसुराय प्रखंड में एक बुजुर्ग औरत कौशल्या देवी अपनी 8 साल की पोती के साथ सार्वजनिक शौचालय में रहने पर मजबूर है। शरीर को झुलसा देने वाली गर्मी से बचाने के लिए दोनों को सार्वजनिक शौचालय का सहारा लेना पड़ रहा है। हैरानी तो इस बात की होती है कि जहां से सरकार करीब सभी योजनाओं का श्रीगणेश करते हैं,यह कहानी उसी नालंदा जिले की है। नीतीश बाबू ने अपने पुश्तैनी कल्याण बीघा वाले घर में बिजली नहीं लगवाया,जिसे लेकर यह तर्क दिया था कि जब बिहार के सभी घर में बिजली होगी,तभी यहां बिजली आएगी। लेकिन अब यह जो नजारा सामने आया है उसे क्या माना जाए।

किसी भी सरकारी योजना का लाभ नहीं

नालंदा के मकरौता पंचायत के दिरीपर पर गांव वार्ड संख्या 3 में कौशल्या देवी अपनी पोती के साथ सार्वजनिक शौचालय में जीवन यापन कर रही है। हालांकि बगल के गांव का ही मौजूदा विधायक कृष्ण मुरारी शंकर है। फिर भी कौशल्या देवी को किसी भी तरह की सरकारी योजना का लाभ नहीं मिल रहा। दोनों दादी पोती का कोई सहारा नहीं है। इसलिए उन्हें अपना जीवन एक शौचालय में बिताना पड़ रहा है।

भीख मांग कर पेट पालती है

8 साल की कौशल्या देवी की पोती है,जिसके सिर से माता पिता का साया पहले ही उठ गया है। गांव में घर-घर भीख मांग कर खाना पड़ता है और ऐसे ही उनका जीवन व्यतीत हो रहा है। पोती सपना कुमारी ने कहा कि घर में कोई कमाने वाला व्यक्ति नहीं होने के कारण उन्हें किसी भी तरह जिंदगी काटने के लिए भीख मांगने पड़ती है और वह शौचालय ही उनका ठिकाना है। सबसे शर्मनाक बात तो यह है कि किसी भी मुखिया,सरपंच और विधायक ने अब तक उसकी कोई खबर नहीं ली। कौशल्या देवी ने कहा कि बेटा और बहू की दुनिया को छोड़ जाने के बाद अब उन्हें देखने वाला कोई नहीं है। जिससे वह अपना पेट पाल सकें।

बीडीओ ने घूस नहीं देने पर आवास योजना से हटाया

पूर्व मुखिया रवीश कुमार का कहना है कि साल 2017 में कौशल्या देवी का नाम आवास योजना में आया था। तब तत्कालीन आवास पर्यवेक्षक में आवास योजना के लाभ दिलाने के बदले घूस की मांग की थी। अब जो शौचालय में गुजर-बसर कर रहे हैं,उसके पास पैसे होना मुश्किल था। गरीबी की मार से मर रही कौशल्या देवी पैसे नहीं दे पाई शुद्धिकरण के बहाने उसका नाम आवास योजना से हटा दिया गया। पूर्व मुखिया ने बताया कि प्रखंड में कौशल्या देवी की समस्या को कई बार उठाया जा चुका है। अधिकारी प्रेमराज,मीनू श्रीवास्तव सहित तीन वीडियो भी आए। सब से बातें भी हुई,लेकिन बिना नकदी के कोई ध्यान नहीं देता।

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