October 5, 2022

वाराणसी: ज्ञानवापी मामले में पक्षकार ने वापस ली याचिका, हाईकोर्ट में रिट याचिका दायर होने की दी जानकारी

Varanasi: The party withdrew the petition in the Gyanvapi case, informed about the filing of the writ petition in the High Court

अमरेंद्र पांडे की रिपोर्ट

वाराणसी के काशी विश्वनाथ मंदिर और ज्ञानवापी मस्जिद मामले में मस्जिद पक्षकार की ओर से डाली गई निगरानी याचिका को जिला जज की अदालत से वापस ले लिया गया है। इसी मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान सवाल उठाया गया था कि हाईकोर्ट में याचिका क्यों दायर की गई और चुनौती दी गई?

ज्ञानवापी मामले में सिविल जज (सीनियर डिवीजन फास्ट ट्रैक) द्वारा पुरातात्विक सर्वेक्षण कराने के आदेश के खिलाफ जिला जज की अदालत में दाखिल निगरानी याचिका मस्जिद पक्षकार ने वापस ले ली है। गुरुवार को विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) राजेंद्र प्रसाद त्रिपाठी की अदालत में निगरानी याचिका की सुनवाई हुई।

पुरातात्विक सर्वेक्षण के खिलाफ अंजुमन इंतजामिया मस्जिद और यूपी सुन्नी सेंट्रल बोर्ड ऑफ वक्फ ने पहले ही निगरानी याचिका हाईकोर्ट में दाखिल कर रखीहै। एक ही मामले में दो अदालतों में सुनवाई नहीं हो सकती थी, जिसकी वजह से मुस्लिम पक्षकारों ने वाराणसी जिला जज की अदालत से निगरानी याचिका को वापस ले लिया है।

सुन्नी सेंट्रल वफ्फ बोर्ड व अंजुमन मसाजिद के अधिवक्ताओं ने कोर्ट को कहा कि कुछ लोगों की गलत राय से अर्जी दाखिल हो गई थी। इस याचिका को वापस लेना चाहता हूं। इसे कोर्ट ने मंजूर कर लिया। बता दें कि प्राचीन मूर्ति स्वयंभू आदि विश्वेश्वर (बाबा विश्वनाथ) के वादमित्र विजय शंकर रस्तोगी की अर्जी पर सिविल जज सीनियर डिविजन (फास्ट ट्रैक कोर्ट) ने आठ अप्रैल को आर्कियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया (एएसआई) के निदेशक को पांच सदस्यीय टीम बनाकर रडार तकनीक से सर्वे करने का आदेश दिया था।

इस आदेश के खिलाफ सुन्नी सेंट्रल वफ्फ बोर्ड व अंजुमन मसाजिद के तरफ से जिला जज की अदालत में पुनरीक्षण याचिका दायर कर आदेश निरस्त करने की मांग की थी। इस याचिका पर काशी विश्वनाथ मंदिर के तरफ से वाद मित्र ने आपत्ति दाखिल की। जिस पर याचिका की पोषणीयता पर सुनवाई लम्बित है। वादमित्र के आपत्ति पर विपक्षी की ओर से प्रति शपथ पत्र दाखिल की है।

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