October 4, 2022

चीन, पाकिस्तान समेत ईरान ने तालिबान का खुलकर किया समर्थन, गुलामी की जंजीरें टूटी -इमरान खान

Iran, including China, Pakistan openly supported Taliban, chains of slavery broken - Imran Khan

क्षितिज यादव की रिपोर्ट

काबुल। बीते रविवार अफ़गानिस्तान तालिबान का गुलाम बन चुका है। जहां एक तरफ आतंकी संगठन तालिबान अफगानिस्तान पर अपने अधिकार का जश्न मना रहा है, वहीं दूसरी तरफ अफगानिस्तान में तालिबान के पूर्ववत 1996 से 2001 के शासन का दंश झेल चुकी अफगानी जनता किसी भी हालत में दोबारा जुल्म नहीं सहना चाहती। जहां एक तरफ अफगानिस्तान पर तालिबान के नियंत्रण से दुनिया के अधिकतर देश चिंतित हैं तो वहीं दूसरी तरफ कुछ देश ऐसे भी हैं जो तालिबान का समर्थन खुलकर कर रहे हैं।

पाकिस्तान, चीन और ईरान ने खुलकर किया समर्थन

जब से तालिबान और अफगानी सैनिकों के बीच युद्ध चल रहा था। तभी से ऐसा माना जा रहा था कि तालिबान को पाकिस्तान का समर्थन हासिल है। वैचारिक रूप से चीन और ईरान तालिबान के साथ थे ही तालिबान पर कब्जे के बाद इन दोनों ने भी तालिबान का खुलकर स्वागत किया है। पाकिस्तान के वजीर ए आजम इमरान खान ने इस्लामाबाद में आयोजित एक कार्यक्रम में कहा कि तालिबान ने आज गुलामी की जंजीर तोड़ दी। पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने कहा कि जब आप किसी दूसरे की संस्कृति अपनाते हैं तो आप दबाव में आ जाते हैं। सांस्कृतिक गुलामी को मै वास्तविक गुलामी से बुरा मानता हूं। इस कार्यक्रम में बोले गए वक्तव्य में से एक खास बात यह रही कि उन्होंने अंग्रेजी माध्यम का शिक्षा पर पड़ने वाले दुष्प्रभाव का भी जिक्र किया।

संयुक्त राष्ट्र संघ में हुई बैठक

अफगानिस्तान की मौजूदा हालात को लेकर संयुक्त राष्ट्र संघ में भारत की अध्यक्षता में हुई बैठक में भारत ने हालात पर चिंता जाहिर करते हुए कहा कि अफगानिस्तान में महिलाएं, पुरुष एवं बच्चे दहशत के साए में जी रहे हैं। एक पड़ोसी देश के रूप में भारत के लिए यह चिंता का विषय है। संयुक्त राष्ट्र संघ के राष्ट्रीय महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से यह आह्वान किया कि वह यह सुनिश्चित करें कि अफगानिस्तान फिर से आतंकियों के लिए एक पनाहगाह ना बन पाए।

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