October 4, 2022

ओमिक्रॉन का पता लगाने वाली डॉक्टर बोलीं: भारत में तेजी से बढ़ेंगे मामले, लेकिन इस उपाय से बच सकती है जान

कोरोना के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन का सबसे पहले पता लगाने वाली और  साउथ अफ्रीकन मेडिकल एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. एंजेलिक कोएत्जी ने भारत में कोरोना संक्रमण की रफ्तार को लेकर बड़ी जानकारी दी है। कोएत्जी ने कहा कि भारत में शुरुआती चरण में ओमिक्रॉन संचालित कोरोना मामलों में वृद्धि और एक उच्च सकारात्मकता दर दिखाई देगी, लेकिन संक्रमण का असर ज्यादातर लोगों में हल्का होगा, जैसा कि दक्षिण अफ्रीका में देखा जा रहा है।

कोएत्जी ने कहा कि अगर जान बचानी है तो वैक्सीन अनिवार्य रूप से लें क्योंकि हमारे पास यह ही एक उपाय है। उन्होंने कहा कि जिन लोगों का टीकाकरण नहीं हुआ है वे 100 फीसदी जोखिम पर हैं। कोएत्जी ने कहा कि दक्षिण अफ्रीका में वैक्सीन नहीं लेने वाले अगर 10 मरीज कोरोना वायरस से संक्रमित होते हैं, तो उनमें से नौ मरीजों को आईसीयू में भर्ती करना पड़ता है। इसलिए वैक्सीन ही सर्वोत्तम उपाय है।

जो पहले कोरोना संक्रमित हो चुके हैं उनपर ओमिक्रॉन का असर कम 
कोएत्जी ने कहा कि जिन लोगों का संपूर्ण टीकाकरण हो चुका है या जो पहले कोरोना संक्रमित हो चुके हैं उनपर ओमिक्रॉन का असर कम होगा। लेकिन जिन्हें पहले कोरोना नहीं हुआ है या वैक्सीन की कोई डोज नहीं ली है वे तेजी से संक्रमण फैलाएंगे। 

दक्षिण अफ्रीका के विशेषज्ञ के अनुसार कोरोना महामारी का अंत नहीं हुआ है और आने वाले दिनों में यह स्थानिक हो जाएगा। वह कुछ विशेषज्ञों की राय से असहमत थीं कि ओमिक्रॉन के आगमन के साथ कोरोना का अंत हो रहा है जो कि अब तुलनात्मक रूप से कोरोनावायरस का एक कमजोर वैरिएंट है।

बच्चों को भी संक्रमित कर रहा है ओमिक्रॉन: कोएत्जी
दुनिया भर में तेजी से फैल रहे कोरोना के ओमिक्रॉन वैरिएंट के चरित्र पर चर्चा करते हुए कोएत्जी ने कहा कि यह गर्म शरीर पर हमला करता है और बच्चों को भी संक्रमित कर रहा है। फिलहाल ओमिक्रॉन लोगों के जान के लिए खतरा नहीं है, लेकिन यह उच्च संक्रामक दर के साथ तेजी से फैल रहा है। वायरस का एकमात्र उद्देश्य गर्म शरीर को संक्रमित करना और जीवित रहना है।

Input: AmarUjala

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